रीता दास राम की कविताएँ

1. तय है, आप भुला दिए जायेंगे

रोशनी का असर उस तरह से नहीं दिखता
जिससे कभी अंधेरे छटा करते थे

अंधेरों के मायनों ने अलग अलग विस्तारों का इजाफा किया है

समय के अनुसार अँधेरों के चेहरे बदलते चले गए हैं
लेकिन जीने का मतलब अब भी श्वास लेना है

दुखों ने अपने कारण बदल लिए हैं
सुखों की परिभाषा बदल गई है
सुख और दुख के अलावा कई अन्य कारणों ने जीने की विधा बदल दी

समय लगेगा अभी सोचने में, विस्तार देने में और तय करने में के
ईमानदारी की सीधी रेखा की दूरी इतना बतियाती क्यों है

पहर का वास्तविक सुख शांति के अलावा कुछ और कहता भी है
फिर भी चलते चले जाने ने जीवन को तसल्ली दी है

बशर्ते चाल, पथ, तरीके दिखाई ना दे
वरना आप अंत तक पहुंच नहीं पाएंगे
बहलाने भटकाने के रास्ते बहुत है

तय है, आप भुला दिए जायेंगे।

2 मथने की सजा 

अत्याचार की फेहरिस्त सामने है
तिगड़मी साजिश चल रही है
दिखता कुछ है, नज़र आता कुछ और ही है
देखते देखते चेहरे बदल जाते है
अवसरवाद अपनी पैनी क्रियाशीलता में मशगूल है

सभ्यता, संस्कृति की पहचान के बहाने पुराने हो चुके है
सब जानते हुए भी अंजान है
रात में सोने के आदी, रात्रिकालीन चल रही साजिशों को नहीं पहचानते
एक रात में चुपके से विकृत हो रही नैतिकता किससे छुपी है

शहरों में लगते हैं मेले जहाँ खरीद फरोख्त आसान है
आदमी आदमी को पहचान कर भी धोखे देने और खाने में भी ढूँढ रहे हैं फायदे  

इंसानी समाज रस्साकसी का शिकार है
विचारों में समुद्र मंथन का अपना स्थान है जिसने मथने की सजा पाई है

धीरे से बदल जाती है कुर्सी
और नीचे से खींच ली गई जमीन बाद में नज़र नहीं आती

बदलाव के बाद इतिहास रचे है फिर भी
भाषाओं की विभिन्नताओं के बावजूद
भाईचारे की तरावट अपनी पहचान है जो अच्छी लगती है
जिसे जाते-जाते भी निश्चित ही लौटना ही होगा। 

3. रहस्यमयी नाटकीयता 

उठ रहा है पर्दा
जिज्ञासाओं का हो रहा है अंत
सभी किरदार साफ़ नज़र आ रहे हैं
वेशभूषा से पहचाने जाने का चलन अब खत्म हो रहा है

पहचानने के नए संकेतों की है जरूरत जिसे बेहतरीन तलाशने लगे हैं लोग

सभी जानते हैं के भेंड़चाल समझने की शक्ति को विराम देता है
समझने की कवायद से बचने वाले लोग इसका अच्छा इस्तेमाल करते हैं

असामान्य पैंतरे अघोषित नीति के परिणाम है
जो समझते समझते ही समझ में आते हैं

धीरे धीरे हटता है पर्दा
अनाचारों के बीच बैठा सत्य
अपने पूरे सबूतों में आता है सामने
जो किसी से नहीं छुपता

ये रहस्यमयी नाटकीयता है जिसे भीड़ में शामिल हो
देखना होता है अंत तक।  

4. मध्यस्थता के अपने रास्ते 

युद्ध ने चेताया है
चीजों की हो सकती कमी, का संज्ञान लिया करें
बचाया करें
कम में निपटाने की आदत बनाएं
कुछ खरीदने से पहले घोषित लिस्ट का संज्ञान लें
खरीदना है या नहीं खरीदना
आखिर आप इस देश के नागरिक हैं
खरीदने से पहले हो रही कमी पर ध्यान रखिए
कितना, क्या, कैसे, आपके हिस्से में आएगा, सोचे समझे और तय करें

देश में हो रहे हैं बदलाव तो आप भी बदलिए
फैसला कीजिए कब, कहां, किसमें लगाना है तन, मन, धन
जमा नहीं करना है क्योंकि जमा पूंजी पर भी है वक्रीय दृष्टि

अपने जीने के तरीके किस तरह नए करने हैं यह समय सिखाएगा
सिखाएगा कि क्या खाना है और क्या नहीं खाना

सोचना शुरू करना है के बचा कर रखना कहीं अपराध ना घोषित हो जाय

बचाते हुए अपराधी होने से पहले लुटा देना भी शायद दिमाग को नहीं है स्वीकार
मध्यस्थता के अपने रास्ते बनाने होंगे
देखना भी है के रास्ते में कहीं कील ना लगी हो
यह बात अलग है के सर्वसामान्य के लहूलुहान पैरों की परवाह नहीं की जाती
इसकी आदत बन जाने तक का इंतजार जरूरी होता है। 

5. इंसानों के आखेट

बेहतर से बेहतर होने की कवायद शुरू से समझ के बाहर रही
दिनों को कसौटी पर कसते कसते दिन धूसर होने लगे
व्यवस्था के हाथ की लगाम शिक्षा के कमर कसती रही
अच्छे से अच्छा पाने की चाह में लगा के रहा-सहा भी खोने लगे है

विश्वास खो रहे, भरोसा खो रहे
दया और मेहरबानी की भीख का खेल अच्छा नहीं लगता

‘अ’ का मतलब ‘अ’ ही हो जैसे ‘क’ का मतलब ‘क’ होता है
‘ख’ का मतलब गर ‘ग’ समझना पड़े तो
छोड़नी ही पड़ती हैं सारी चीजें जो इसके विस्तार तक ले जाए

लाख बातें लाभदायक लगे, यह दिखावटी लाभ है
जिसने इंसानों को इन्सान बने रहने, नहीं दिया

इंसानों ने इंसानों के आखेट शुरू कर दिए हैं
जिसमें नैतिकता को पदच्युत कर रखा है
कुछ कह लेने की स्वतंत्रता अलग बंधन में जकड़ी हुई है
ये वैचारिक नेतृत्व की अपनी लड़ाई है
जिसने गूंगे रहने की गुजारिश की है

अब इंसानियत और मानवता को
कहाँ ले जाकर खत्म करने की साजिश होगी, यही देखना है। 

***

रीदारा 

डॉ. रीता दास राम
कवयित्री व लेखिका। काव्य संग्रह (तीन), कहानी संग्रह (दो), उपन्यास (एक), आलोचना (दो), लेख संग्रह (एक) के अलावा संपादकीय (चार) पुस्तकें प्रकाशित। कविता, कहानी, उपन्यास, आलेख, साक्षात्कार, संस्मरण द्वारा रचनात्मक सहभागिता। पुरस्कारों से पुरस्कृत। 

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