शख़्सियत-Portrait

मधुसूदन आनन्द
20 दिसम्बर को 1952 में उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद में जन्म, टाइम्स ऑफ इंडिया में पत्रकारिता प्रशिक्षण के लिए चुने गए, वहीं रहते हुए नवभारत टाइम्स के सम्पादक बने। कुछ समय के लिए दैनिक जागरण, नई दुनिया और नेशनल दुनिया के भी सम्पादक रहे। कविता और कहानियाँ लिखते रहे। कोलोन जर्मनी में रेडियो ‘डॉयचे वैले’(द वॉयस ऑफ जर्मनी) की हिन्दी सेवा में 4वर्ष सम्पादक, बाद में वॉयस ऑफ अमेरिका के दिल्ली स्थित संवाददाता रहे। रेडियो, टेलीविज़न और अख़बारी दुनिया में बड़े पदों पर काम किया लेकिन नजीबाबाद की सादगी हमेशा बनी रही। बाद में ज्ञानपीठ से जुड़े और नया ज्ञानोदय के सम्पादक रहते हुए ही उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा। पत्रकारिता, कविता और कहानियों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें भीड़ से अलग करती है।
मधुसूदन आनन्द की प्रतिनिधि रचनाएँ
मधुसूदन आनन्द जी हमिंगवर्ड के प्रेरणास्त्रोत और मार्गदर्शक हैं। हमारे साथ हमिंमवर्ड को लेकर वह काफ़ी उत्साही थे। हालांकि वे इस साइट को अस्तित्व में आते नहीं देख सके, लेकिन वे हमारी टीम का अभिन्न हिस्सा हैं। हमारी आशा है हमिंगवर्ड और हमारी टीम उनके बताये रास्तों पर चलकर बेहतर काम कर पाए।
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कविता
मधुसूदन आनंद की कविताएँ
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10 May 2026
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10 May 2026
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07 April 2026
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