शख़्सियत-Portrait

ज्ञानरंजन
साठोत्तरी कहानी के प्रमुख हस्ताक्षर प्रगतिशील ज्ञानरंजन को उनकी कहानियों-पिता, घंटा, फेंस के इधर-उधर, के लिए तो जाना ही जाता है! उनके व्यक्तित्व के दूसरे पहलू भी कम महत्वपूर्ण नहीं हैं . उनके लिखे पत्र, उन्हें लिखे पत्र जीवन और साहित्य के अनेक दरवाज़े खोलते हैं. उनके द्वारा शुरू की गई 'पहल' कहानीकारों और कहानी को एक नयी दिशा देने का काम किया. वह भौतिक रूप से भले उपस्थित ना हों, उनकी वैचारिकता आज भी युवाओं को प्रेरित करती है. हमिंग वर्ड उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ उनके लेखन के विभिन्न पहलुओं पर यह संवाद:
प्रतिनिधि रचनाएँ
memoirs
संस्मरण
तारामंडल के नीचे एक आवारागर्द
29 July 2026
fiction
कहानी
फ़ेंस के इधर और उधर
29 July 2026
reviews
समीक्षा
‘ख़तों के आईने में’
28 July 2026
ideas
विचार
हमारे बच्चों का भविष्य जनतांत्रिक घोड़ों के हाथों में क़ैद है!
28 July 2026
memoirs
संस्मरण
ख़तों से पहले कुछ बातें
28 July 2026
fiction
कहानी
पिता
28 July 2026
reviews
समीक्षा